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अब्राहम लिंकन का जीवन परिचय
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अब्राहम लिंकन का जीवन परिचय – अमेरिका के 16वे राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन का जन्म एक गरीब अश्वेत परिवार में 12 फरवरी 1809 (इसी दिन चार्ल्स डार्विन का भी जन्म हुआ था) को Hodgenville, Kentucky के निकट Sinking spring farm में हुआ था।इनके वंशज इंग्लैंड से आये थे। इनका पूरा नाम अब्राहम थॉमस लिंकन था। इनके पिता का नाम थॉमस लिंकन व माता का नाम नेंसी था।इनके दादा का नाम बहे कैप्टन अब्राहम लिंकन था जिनकी हत्या 1786 में एक भारतीय शिकारियों के गिरोह ने कर दी थी।इनकी पत्नी का नाम मेरी टाड था और इनके बच्चे रॉबर्ट, एडवर्ड, विल्ली और टेड थे। इनका प्रराम्भित व्यवसाय वकील का था परन्तु ये ज्यादातर मामलो का निपटारा अदालत से बहार ही करवा दिया करते थे जिससे लोगो का समय और पैसा दोनों की बर्बादी होने से बचायी जा सके।ये प्रथम रिपब्लकिन थे जो अमेरिका के राष्ट्रपति बने।ये 52  वर्ष की आयु में राष्ट्रपति बने और  राष्ट्रपति के तौर पर इनका कार्यकाल 1861 से 1865 तक रहा और 15 अप्रेल 1865 को इनकी हत्या कर दी गयी।

प्रारंभिक जीवन-

जब लिंकन मात्र 9 वर्ष के थे तब इनकी माता नेंसी की मृत्यु जहरीला दूध पीने से हो गयी। बाद में इनके पिता ने दूसरी शादी कर ली और इनकी सौतेली माँ ने इन्हे सगी माँ से भी ज्यादा प्यार दिया।इनके पिता थॉमस लिंकन एक गरीब किसान थे इसलिए अब्राहम लिंकन की शिक्षा ठीक तरह से पूर्ण न हो सकी।

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विवाह-

1819 ईo में लिंकन से सराह बुश जॉनसन से शादी कर ली जो की एक विधवा और तीन बच्चो की माँ थी। इसके बाद 1842 में लिंकन ने मैरी टाड से विवाह किया और इनसे चार बच्चे उत्पन्न हुए।

व्यावसायिक जीवन-

1830 में लिंकन ने शहर की ओर कूच किया और यहाँ आकर वे मजदूरी करने लगे साथ ही अन्य छोटे मोटे काम भी करने लगे बाद में इन्होने एक दुकान खोल ली।  बाद में इन्होने राजनीति में कदम रखा किन्तु सफलता नहीं मिला तब इन्होने वकालत का पेशा चुना और इसका पढाई प्रारम्भ की। इन्होने वकालत की कोई डिग्री हासिल नहीं की थी बल्कि स्वयं ही वकालत की शिक्षा ग्रहण की।वकील बनने के बाद इन्होने कई साल एक असफल वकील के तौर पर गुजार दिए।ये वकालत से भी कुछ ख़ास धन नहीं कमा सके इसकी वजह थी कि ये अपने मुअक्किल को केस-बाजी से दूर रहने की सलाह देते थे और अधिकतर मामले तो अदालत के बहार ही सुलझा देते थे।

राजनीतिक जीवन-

अब्राहम लिंकन को पुरे विश्व में अमेरिका के राष्ट्रपति और लोकतंत्र के उनके विचारों, दास प्रथा के उन्मूलन के लिए जाना जाता है।1854 में लिंकन से फिर से राजनीति में कदम रखा और बहुत से चुनाव लड़े परन्तु वे काफी समय तक फिर सफलता से दूर रहे। पहले वह वार्ड मेंबर का चुनाव लड़े और हार गए बाद में दो बार सांसदी का चुनाव हार गए उसके बाद भी अनगिनत बार ये हारते रहे लेकिन फिर भी हिम्मत नहीं हारे और राष्ट्रपति का चुनाव लड़े और जीत गए।लिंकन बहुत ही भले इंसान थे और लोगो में समानता के पक्षकार थे। उस समय अमेरिका में दास प्रथा प्रचलित थी। लिंकन इसके पुरजोर विरोधी थे और गरीबो के हितो के पक्ष में थे।उनकी इसी छवि के लिए उन्हें राष्ट्रपति पद के नामांकन हेतु चुना गया। राष्ट्रपति बनने के बाद लिंकन का ध्यान पूरी तरह से गुलामी व्यवस्था को ख़त्म करने की ओर गया।

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अमेरिकी गृहयुद्ध-

राष्ट्रपति बनने के मात्र एक माह बाद अमेरिका के उत्तरी और दक्षिणी हिस्से  के मध्य गृहयुद्ध शुरू हो गया। इस युद्ध में 6 लाख से अधिक लोग मारे गए परन्तु लिंकन के अथक प्रयासों से गृहयुद्ध शांत हो गया। गृहयुद्ध समाप्त होने के तुरंत बाद लिंकन ने दास प्रथा को अवैध घोषित कर दिया।

मृत्यु –

14 अप्रेल 1865 को अमेरिकी गृहयुद्ध पर विजय के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था उसी दिन अब्राहम लिंकन की हत्या जॉन विल्कीज़ बूथ ने वाशिंगटन डीसी में कर दी।

लिंकन से संबंधित अन्य तथ्य-

  • लिंकन को लोकतंत्र की परिभाषा देने के लिए सम्पूर्ण विश्व में जाना जाता है।
  • लिंकन अपने जीवन में एक बार इतने अवसादग्रस्त हो गए कि उन्होंने अपने आस पास से सारे धारदार चाकू छुरी हटा दिए क्योंकि उन्हें डर था की कहीं वे खुद को मार न लें।
  • 1865 में अपनी हत्या से कुछ घंटो पूर्व उन्होंने सीक्रेट सर्विसेज का गठन किया था।
  • लिंकन अमेरिका के एकमात्र ऐसे राष्ट्रपति हैं जिनके नाम पर एक पेटेंट है और पहले राष्ट्रपति थे जो दाढ़ी रखते थे।
  • एक बार लिंकन अपने एक मित्र से अमेरिका के प्रथम राष्ट्रपति जॉर्ज वाशिंगटन की जीवनी की किताब लेकर आये लेकिन वह जोरो की हुयी बारिश से भीग गयी। लिंकन इतने गरीब थे की पुस्तक की कीमत नहीं चुका सकते थे तो उन्होंने अपने दोस्त से उसकी पुस्तक की कीमत के दोगिनी मजदूरी उसके खेत में करके उसकी कीमत चुकाने का आग्रह किया इस पर दोस्त मान गया और लिंकन ने उसके खेतों में पुस्तक की दोगुनी कीमत की मजदूरी की।
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