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वर्धन वंश या पुष्यभूति वंश : हर्ष वर्धन

वर्धन वंश (Vardhana Dynasty) को पुष्यभूति वंश (Pushyabhuti Dynasty) भी कहा जाता है। गुप्तों के बाद उत्तर भारत में सबसे विस्तृत साम्राज्य की स्थापना इन्होने ही की। इस वंश का उदय…

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अन्हिलवाड़, बादामी/वातापी और कल्याणी का चालुक्य वंश

चालुक्य वंश (Chalukya Dynasty) - भारतीय इतिहास में चालुक्य वंश की तीन शाखाओं की जानकारी प्राप्त होती है। अन्हिलवाड़ का चालुक्य/सोलंकी वंश, बादामी/वातापी के चालुक्य, कल्याणी के चालुक्य। अन्हिलवाड़ का चालुक्य/सोलंकी वंश…

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सोलह महाजनपद और उनकी राजधानी

सोलह महाजनपद (16 Mahajanapadas) और उनकी राजधानी - छठी शताब्दी ईo पूo भारत में 16 महाजनपदों का अस्तित्व था। इसकी जानकारी बौद्ध ग्रन्थ अंगुत्तर निकाय और जैन ग्रन्थ भगवतीसूत्र से प्राप्त होती…

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चंदेल वंश के शासक : यशोवर्मन, महाराजाधिराज धंग, परमाल

चंदेल वंश (Chandela Dynasty) के शासक - चंदेल शासकों का उदय आधुनिक बुंदेलखंड क्षेत्र में 9 वीं सदी में हुआ था। चंदेल वंश की स्थापना 831 ईo में नन्नुक ने की थी।…

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मालवा का परमार वंश : हर्ष, वाक्यपति मुंज, सिंधुराज, राजा भोज

मालवा का परमार वंश (Paramara Dynasty) - परमार वंश का संस्थापक उपेंद्रराज/कृष्णराज था। उदयपुर लेख में इसे द्विजवर्गरत्न कहा गया है। इस वंश के प्रारंभिक इतिहास को जानने का सबसे…

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सेन वंश : सामन्त सेन, विजय सेन, बल्लाल सेन, लक्ष्मण सेन

सेन वंश (Sena/Sen Dynasty) की स्थापना सामंत सेन ने की थी। इस वंश का आदि पुरुष वीरसेन को माना जाता है। ये अपनी उत्पत्ति ब्रह्मक्षत्र परंपरा से मानते हैं। पाल वंश…

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गहड़वाल वंश (Gahadavala Dynasty)

गहड़वाल वंश (Gahadavala Dynasty) - गहड़वाल वंश का मूल निवास स्थान विंध्याचल पर्वत का वन क्षेत्र माना जाता है। पहले ये प्रतिहारों के सामंत थे। प्रतिहारों के पतन के बाद कन्नौज पर…

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कश्मीर के राजवंश : कार्कोट वंश, उत्पल वंश, लोहार वंश

कश्मीर के राजवंश : कार्कोट वंश, उत्पल वंश, लोहार वंश राजतरंगिणी कश्मीर का इतिहास जानने के लिए कल्हण की राजतरंगिणी को प्रथम ऐतिहासिक पुस्तक का दर्जा प्राप्त है। इसमें आदिकाल…

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चौहान वंश : वासुदेव, वाक्यपतिराज, पृथ्वीराज चौहान, गोविन्द

चौहान वंश का संस्थापक वासुदेव को माना जाता है। इनकी प्रारंभिक राजधानी अहच्छत्रपुर थी। बाद में अजयराज के समय अजमेर इनकी राजधानी बनी। इस वंश का सबसे शक्तिशाली शासक विग्रहराज…

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पल्लव वंश और साम्राज्य (Pallava Dynasty and Empire)

पल्लव वंश और साम्राज्य (Pallava Dynasty and Empire) - पल्लव का अर्थ होता है लता परन्तु तमिल भाषा में पल्लव से आशय डाकू से है। पल्लव वंश की स्थापना सिंहवर्मा ने…

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राष्ट्रकूट राजवंश (Rashtrakuta Dynasty)

राष्ट्रकूट राजवंश (Rashtrakuta Dynasty) - राष्ट्रकूट दक्षिण भारत का प्रमुख राजवंश था, इसका संस्थापक दन्तिदुर्ग/दन्तिवर्मन को माना जाता है। दन्तिदुर्ग ने 752 ईo में चालुक्य शासक कीर्तिवर्मन को पराजित कर स्वतंत्र राज्य…

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गुर्जर प्रतिहार राजवंश (Gurjara-Pratihara Dynasty)

गुर्जर प्रतिहार राजवंश (Gurjara-Pratihara Dynasty) - हर्ष की मृत्यु के बाद उत्पन्न राजनितिक अस्थिरता की स्थिति में विभिन्न राजपूत राजवंशों का उदय हुआ। उनमे से एक गुर्जर-प्रतिहार वंश था। इस वंश…

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सल्तनत कालीन स्थापत्य कला (Sultanate Period Architecture)

सल्तनत कालीन स्थापत्य कला (Sultanate Period Architecture) - सल्तनत कालीन स्थापत्य में हिंदू-मुस्लिम कला का मेल-जोल देखने को मिलता है। इसमें भारतीय स्थापत्य की क्षैतिज शैली और इस्लामिक मेहराब देखने को मिलता…

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पाल वंश और साम्राज्य (Pala Dynasty and Empire)

पाल वंश और साम्राज्य (Pala Dynasty and Empire) - पाल वंश का संस्थापक गोपाल था। महिपाल प्रथम को पाल वंश का द्वितीय संस्थापक कहा जाता था। समस्त पाल शासक बौद्ध…

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लोदी वंश : बहलोल लोदी, सिकंदर लोदी, इब्राहिम लोदी

लोदी वंश (Lodi Dynasty) का संस्थापक बहलोल लोदी अफगानों की एक शाखा शाहुखेल से संबंधित था। अफगान शब्द फ़ारसी भाषा का है जिसका अर्थ होता है - रोना। इसके दादा फिरोज तुगलक के समय…

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सैय्यद वंश : खिज्र खां, मुबारक शाह, मुहम्मद शाह, अलाउद्दीन आलमशाह

सैय्यद वंश (Sayyid Dynasty) दिल्ली सल्तनत पर शासन करने वाला चौथा वंश था। इस वंश की स्थापना तैमूर के सैनिक खिज्र खां ने 1414 ईo में की। खिज्र खां (1414-21 ईo) -…

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