स्वागतम्

चंदेल वंश के शासक : यशोवर्मन, महाराजाधिराज धंग, परमाल

चंदेल वंश (Chandela Dynasty) के शासक - चंदेल शासकों का उदय आधुनिक बुंदेलखंड क्षेत्र में 9 वीं सदी में हुआ था। चंदेल वंश की स्थापना 831 ईo में नन्नुक ने की थी।…

Continue Reading

मालवा का परमार वंश : हर्ष, वाक्यपति मुंज, सिंधुराज, राजा भोज

मालवा का परमार वंश (Paramara Dynasty) - परमार वंश का संस्थापक उपेंद्रराज/कृष्णराज था। उदयपुर लेख में इसे द्विजवर्गरत्न कहा गया है। इस वंश के प्रारंभिक इतिहास को जानने का सबसे…

Continue Reading

सेन वंश : सामन्त सेन, विजय सेन, बल्लाल सेन, लक्ष्मण सेन

सेन वंश (Sena/Sen Dynasty) की स्थापना सामंत सेन ने की थी। इस वंश का आदि पुरुष वीरसेन को माना जाता है। ये अपनी उत्पत्ति ब्रह्मक्षत्र परंपरा से मानते हैं। पाल वंश…

Continue Reading

गहड़वाल वंश (Gahadavala Dynasty)

गहड़वाल वंश (Gahadavala Dynasty) - गहड़वाल वंश का मूल निवास स्थान विंध्याचल पर्वत का वन क्षेत्र माना जाता है। पहले ये प्रतिहारों के सामंत थे। प्रतिहारों के पतन के बाद कन्नौज पर…

Continue Reading

चौहान वंश : वासुदेव, वाक्यपतिराज, पृथ्वीराज चौहान, गोविन्द

चौहान वंश का संस्थापक वासुदेव को माना जाता है। इनकी प्रारंभिक राजधानी अहच्छत्रपुर थी। बाद में अजयराज के समय अजमेर इनकी राजधानी बनी। इस वंश का सबसे शक्तिशाली शासक विग्रहराज…

Continue Reading

पल्लव वंश और साम्राज्य (Pallava Dynasty and Empire)

पल्लव वंश और साम्राज्य (Pallava Dynasty and Empire) - पल्लव का अर्थ होता है लता परन्तु तमिल भाषा में पल्लव से आशय डाकू से है। पल्लव वंश की स्थापना सिंहवर्मा ने…

Continue Reading

राष्ट्रकूट राजवंश (Rashtrakuta Dynasty)

राष्ट्रकूट राजवंश (Rashtrakuta Dynasty) - राष्ट्रकूट दक्षिण भारत का प्रमुख राजवंश था, इसका संस्थापक दन्तिदुर्ग/दन्तिवर्मन को माना जाता है। दन्तिदुर्ग ने 752 ईo में चालुक्य शासक कीर्तिवर्मन को पराजित कर स्वतंत्र राज्य…

Continue Reading

गुर्जर प्रतिहार राजवंश (Gurjara-Pratihara Dynasty)

गुर्जर प्रतिहार राजवंश (Gurjara-Pratihara Dynasty) - हर्ष की मृत्यु के बाद उत्पन्न राजनितिक अस्थिरता की स्थिति में विभिन्न राजपूत राजवंशों का उदय हुआ। उनमे से एक गुर्जर-प्रतिहार वंश था। इस वंश…

Continue Reading

सल्तनत कालीन स्थापत्य कला (Sultanate Period Architecture)

सल्तनत कालीन स्थापत्य कला (Sultanate Period Architecture) - सल्तनत कालीन स्थापत्य में हिंदू-मुस्लिम कला का मेल-जोल देखने को मिलता है। इसमें भारतीय स्थापत्य की क्षैतिज शैली और इस्लामिक मेहराब देखने को मिलता…

Continue Reading

पाल वंश और साम्राज्य (Pala Dynasty and Empire)

पाल वंश और साम्राज्य (Pala Dynasty and Empire) - पाल वंश का संस्थापक गोपाल था। महिपाल प्रथम को पाल वंश का द्वितीय संस्थापक कहा जाता था। समस्त पाल शासक बौद्ध…

Continue Reading

लोदी वंश : बहलोल लोदी, सिकंदर लोदी, इब्राहिम लोदी

लोदी वंश (Lodi Dynasty) का संस्थापक बहलोल लोदी अफगानों की एक शाखा शाहुखेल से संबंधित था। अफगान शब्द फ़ारसी भाषा का है जिसका अर्थ होता है - रोना। इसके दादा फिरोज तुगलक के समय…

Continue Reading

सैय्यद वंश : खिज्र खां, मुबारक शाह, मुहम्मद शाह, अलाउद्दीन आलमशाह

सैय्यद वंश (Sayyid Dynasty) दिल्ली सल्तनत पर शासन करने वाला चौथा वंश था। इस वंश की स्थापना तैमूर के सैनिक खिज्र खां ने 1414 ईo में की। खिज्र खां (1414-21 ईo) -…

Continue Reading

ग़ुलाम वंश : कुतुबुद्दीन ऐबक, इल्तुतमिश, रजिया सुल्तान, बलबन

ग़ुलाम वंश या मामलूक वंश की स्थापना 1206 ईo में दिल्ली सल्तनत की गद्दी पर हुयी। परन्तु इस वंश के सभी शासक गुलाम या दास नहीं थे। इल्तुतमिश को तो अपने मालिक…

Continue Reading

तुग़लक़ वंश की जानकारी

तुग़लक़ वंश (Tughlaq Dynasty) की जानकारी - तुगलक वंश के शासकों ने दिल्ली सल्तनत पर सर्वाधिक लम्बे समय तक शासन किया। गयासुद्दीन तुगलक (1320-25 ईo) - गयासुद्दीन तुगलक ने 07 सितंबर…

Continue Reading

खिलजी वंश : जलालुद्दीन खिलजी, अलाउद्दीन खिलजी

खिलजी वंश (Khalji Dynasty) - जलालुद्दीन खिलजी तीन माह तक क्यूमर्स के संरक्षक व वजीर के रूप में कार्य करता रहा। अंत में जून 1290 ईo में जलालुद्दीन फिरोज खिलजी ने कैकुबाद द्वारा बनवाये…

Continue Reading

संगम काल का इतिहास

संगम काल का इतिहास (Sangam Period History) - संगम का तात्पर्य तमिल कवियों के संघ से है। खारवेल के हाथीगुम्फा अभिलेख और अशोक के दूसरे शिलालेख में तमिल क्षेत्र के राज्यों का…

Continue Reading
  • 1
  • 2
Close Menu
Inline
Inline