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राज्यपाल के कार्य एवं शक्तियाँ – भारतीय संविधान के अनुच्छेद 155 के तहत देश के सभी पूर्ण राज्यों में राष्ट्रपति द्वारा राज्यपाल की नियुक्ति की जाती है। यह प्रदेश में केंद्र का आधिकारिक प्रमुख व प्रतिनिधि होता है। सामान्य तौर पर इसका कार्यकाल 5 वर्ष का होता है। परन्तु अनुच्छेद 156 (1) के तहत यह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है। इसके अतिरिक्त ये अपने कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी अपने उत्तराधिकारी की नियुक्ति होने तक पद पर बना रह सकता है। अनुच्छेद 202 (3) के तहत इसके वेतन, भत्ते व पद से संबंधित अन्य सभी व्यय राज्य की संचित निधि पर भारित होते हैं। पद ग्रहण करने से पूर्व ये उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश या वरिष्ठतम न्यायाधीश के समक्ष शपथ ग्रहण करता है।

राज्यपाल के संवैधानिक कार्य एवं अधिकार –

  • अनुच्छेद 153 के तहत एक ही व्यक्ति को दो या अधिक राज्यों का राज्यपाल नियुक्त किया जा सकता है।
  • अनुच्छेद 154 (1) के तहत राज्य की कार्यपालिका शक्ति राज्यपाल में निहित होगी।
  • अनुच्छेद 156 के अनुसार यह राष्ट्रपति को सम्बोधित लेख द्वारा अपना त्यागपत्र दे सकता है।
  • अनुच्छेद 157 में राज्यपाल नियुक्त होने से सम्बंधित अर्हताएं वर्णित हैं।
  • अनुच्छेद 161 के तहत किसी व्यक्ति के दंड को क्षमा करने की शक्ति राज्यपाल को प्राप्त है।
  • अनुच्छेद 163 के तहत राज्यपाल को उसके कार्यों में सहायतार्थ एक मंत्रिपरिषद होगी। इसी अनुच्छेद के तहत इसे कुछ विवेकाधिकार भी दिए गए हैं।
  • अनुच्छेद 164 के तहत मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करेगा और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राज्यपाल मुख्यमंत्री की सलाह पर करेगा।
  • अनुच्छेद 164 (4) के तहत यदि विधानमण्डल से बाहर का कोई व्यक्ति मंत्रि पद धारण करता है तो वह अधिकतम 6 माह तक उस पद पर बना रह सकता है। इतने समय में यदि वह विधानमंडल का सदस्य नहीं बन पाता है, तो उसे मंत्रिपद से त्यागपत्र देना होगा।
  • अनुच्छेद 168 के तहत यह राज्य की विधायिका का अभिन्न अंग है।
  • अनुच्छेद 176 के तहत राज्यपाल को अविभाषण की शक्ति प्राप्त है।
  • अनुच्छेद 200 के तहत राज्यपाल विधानसभा द्वारा पारित विधेयक को पुनर्विचार के लिए लौटा सकता है या राष्ट्रपति के विचार के लिए सुरक्षित रख सकता है।
  • अनुच्छेद 217 (1) के तहत यह उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति के संबंध में राष्ट्रपति को सलाह देता है।
  • अनुच्छेद171 (5) के तहत विधान परिषद् के 1/6 सदस्यों को नियुक्त करता है।
  • अनुच्छेद 311 के तहत सरकारी सेवक को मिलने वाली रक्षोपाय व सुरक्षा राज्यपाल को नहीं मिलती।
  • अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति को राज्य सरकार को अपने हाथ में लेने के लिए ( राष्ट्रपति शासन ) आमंत्रित कर सकता है।
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भारत के राज्यों के वर्तमान मुख्यमंत्री और राज्यपाल

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