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विश्व के मरुस्थल (Desserts of the World) – मरुस्थल आशय रेतीले मैदान से ही नहीं अपितु इसका संबंध वार्षिक वर्षा से है। विश्व के ऐसे क्षेत्र जहाँ वार्षिक वर्षा का औसत 25 सेमी. से कम रहता हो, मरुस्थल कहलाते हैं। मरुस्थल दो प्रकार के होते हैं – शुष्क मरुस्थल और शीत मरुस्थल। विश्व का सबसे बड़ा मरुस्थल सहारा का मरुस्थल है। ये लगभग 35 लाख वर्ग किलो मीटर में फैला हुआ है। जो कि भारत देश के कुल क्षेत्रफल से भी अधिक है। उत्तरी अफ्रीका में स्थित यह शुष्क मरुस्थल का उदाहरण है। उत्तर पश्चिमी भारत में अवस्थित थार मरुस्थल विश्व का सर्वाधिक जनघनत्व वाला मरुस्थल है। यहाँ का जनघनत्व 83 व्यक्ति/वर्ग किमी है जो कि विश्व में अन्य मरुस्थलों की तुलना में सर्वाधिक है। विश्व के अन्य मरुस्थलों का जनघनत्व अधिकतम 07 व्यक्ति/वर्ग किमी तक ही मिलता है। गोबी का मरुस्थल अल्टाई पर्वत से घिरा हुआ दक्षिण मंगोलिया और उत्तरी चीन में विस्तृत है। दक्षिण अमेरिका महाद्वीप के उत्तरी चिली में अवस्थित आटाकामा मरुस्थल विश्व का सर्वाधिक शुष्क मरुस्थल है। यह पृथ्वी का सर्वाधिक शुष्क क्षेत्र भी है।

जर्मनी के वैज्ञानिक गेरहार्ड नाइस ने कहा था कि, “मानव जाति जितनी ऊर्जा एक वर्ष में उपभोग करती है उससे अधिक ऊर्जा विश्व के मरुस्थल मात्र 06 घंटों में ही प्राप्त कर लेते हैं।”

मरुस्थल विस्तार क्षेत्र
सहारा उत्तरी अफ्रीका
ग्रेट विक्टोरिया, सिम्पसन, बारबर्टन, गिब्सन, स्टुअर्ट-स्टोनी, ग्रेट सैंडी आस्ट्रेलिया
गोबी मंगोलिया, चीन
कालाहारी बोत्सवाना, नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका
तकला माकन चीन
थार भारत, पाकिस्तान
अटाकामा उत्तरी चिली
पेंटागोनिया अर्जेंटीना
हमद, नाफूद, रब-अल-खाली सऊदी अरब
सोनोरान USA, मैक्सिको
नामिब नामीबिया
काराकुम तुर्कमेनिया
सोमाली मरुभूमि सोमालिया
काइजिल क़ुम उजबेकिस्तान
दस्त-ए-लुत पूर्वी ईरान
दस्त-ए-कबीर दक्षिणी ईरान
मोजेब/महावे सेंचुरी, सियरा नेवाद USA
कोलोरैडो केलिफोर्निया
लद्दाख भारत
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