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ज्ञानपीठ पुरस्कार भारत का सर्वोच्च साहित्यिक पुरस्कार है। इसकी शुरुआत सन् 1965 में की गयी। यह भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में वर्णित 22 भाषाओं में से किसी भी भाषा में किये गए उत्कृष्ट साहित्यिक योगदान हेतु प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है। इस पुरस्कार के साथ वाग्देवी की प्रतिमा, एक प्रशस्ति पत्र और 11 लाख रूपये की राशि पुरस्कार स्वरुप प्रदान की जाती है।

ज्ञानपीठ पुरस्कार का इतिहास –

  • पहला ज्ञानपीठ पुरस्कार 1965 में मलयालम साहित्यकार शंकर कुरूप को प्रदान किया गया।
  • भारत के सर्वोच्च साहित्यिक पुरस्कार के इतिहास में पहली बार 2018 में किसी अंग्रेजी साहित्यकार को यह पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
  • हिंदी भाषा में यह पुरस्कार अब तक 11 साहित्यकारों को प्रदान किया जा चुका है।
  • हिंदी भाषा में ज्ञानपीठ पुरस्कार पाने वाले पहले साहित्यकार सुमित्रानंदन पंत थे। इन्हें 1968 में इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • बांग्ला भाषा की साहित्यकार आशापूर्णा देवी इस पुरस्कार को प्राप्त करने वाली पहली महिला थी।
वर्ष साहित्यकार भाषा
1965 जी. शंकर कुरूप मलयालम
1966 ताराशंकर बंधोपाध्याय बांग्ला
1967 के. वी. पुटप्पा
उमाशंकर जोशी
कन्नड़
गुजराती
1968 सुमित्रानंदन पंत
हिंदी
1969 फिराक गोरखपुरी उर्दू
1970 विश्वनाथ सत्यनारायण तेलुगु
1971 विष्णु डे बांग्ला
1972 रामधारी सिंह दिनकर हिंदी
1973 डॉ. दत्रात्रेय रामचंद्र बेंद्रे
गोपीनाथ मोहंती
कन्नड़
ओडिया
1974 विष्णु सखा खाण्डेकर मराठी
1975 ए. वी. अकिलंदम तमिलनाडु
1976 श्रीमती आशापूर्णा देवी बांग्ला
1977 शिवराम कारंथ कन्नड़
1978 सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन अज्ञेय हिंदी
1979 डॉ. वीरेंद्र कुमार भट्टाचार्य असमिया
1980 एस. के. पोट्टेकट मलयालम
1981 अमृता प्रीतम पंजाबी
1982 महादेवी वर्मा हिंदी
1983 मस्ति वेंकटेश आयंगर कन्नड़
1984 तक्षी शिवशंकर पिल्लई मलयालम
1985 पन्नालाल पटेल गुजरती
1986 सच्चिदानंद राउतराय ओडिया
1987 वि. वा. शिरवाडकर मराठी
1988 सी. नारायण रेड्डी तेलुगु
1989 कुर्रतुल एन. हैदर उर्दू
1990 विनायक कृष्ण गोकाक कन्नड़
1991 सुभाष मुखोपाध्याय बांग्ला
1992 नरेश मेहता हिंदी
1993 डॉ. सीताकांत महापात्र ओडिया
1994 प्रो. यू. आर. अनंतमूर्ति कन्नड़
1995 एम. टी. वासुदेवन नायर मलयालम
1996 श्रीमती महाश्वेता देवी बांग्ला
1997 अली सरदार जाफरी उर्दू
1998 गिरीश कर्नाड कन्नड़
1999 निर्मल वर्मा
गुरदयाल सिंह
हिंदी
पंजाबी
२००० इंदिरा गोस्वामी असमिया
2001 राजेंद्र केशवलाल गुजराती
२००२ डी. जयकांतन तमिल
2003 विंदा करंदीकर मराठी
2004 रहमान राही कश्मीरी
2005 कुँवर नारायण हिंदी
2006 सत्यव्रत शास्त्री
रवींद्र केलकर
संस्कृत
कोंकणी
2007 ओ.एन.वी. कुरूप मलयालम
2008 अखलाख मोहम्मद खान उर्दू
2009 अमरकांत
श्रीलाल शुक्ल
हिंदी
हिंदी
2010 चंद्रशेखर कंवर कन्नड़
2011 प्रतिभा राय ओडिया
2012 डॉ. रावुरी भरद्वाज तेलुगु
2013 प्रो. केदारनाथ सिंह हिंदी
2014 भालचंद्र नमाड़े मराठी
2015 रघुवीर चौधरी गुजराती
2016 शंख घोष बांग्ला
2017 कृष्णा सोबती हिंदी
2018 अमिताव घोष अंग्रेजी
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2018 में 54 वां ज्ञानपीठ पुरस्कार से अमिताव घोष को नवाजा गया। यह पुरस्कार पाने वाले वे 59 वें साहित्यकार बने। साथ ही अंग्रेजी भाषा में यह पुरस्कार पाने वाले पहले साहित्यकार भी बन गए।

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