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साक्षात्कार क्या है ? इसकी तैयारी कैसे करें ?
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जिन प्रतियोगी परीक्षायों में साक्षात्कार ( Interview ) की प्रक्रिया अपनायी जाती है, उनमें यह चयन का आधार होता है। सामान्यतया देखा जाता है कि जब प्रत्याशी लिखित परीक्षा उत्तीर्ण कर लेता है तो वह साक्षात्कार से घबराता है। इसके विषय में कई प्रकार की भ्रांतियां फैली हुई है, जिनके कारण प्रतियोगी डरे हुए रहते है। परन्तु ऐसा नहीं है, साक्षात्कार एक स्वर्णिम अवसर होता है। हमें यह जानना आवश्यक है कि साक्षात्कार क्या है ? क्यों यह प्रक्रिया अपनायी जाती है ?

साक्षात्कार

साक्षात्कार क्या है ? ( What is interview ? )

जब अभ्यर्थी लिखित परीक्षा उत्तीर्ण कर लेता है, तो यह सिद्ध हो जाता है की वह उस पद के योग्य है। परन्तु लिखित परीक्षा में अभ्यर्थी की योग्यता का आधार केवल उसका ज्ञान है। सामान्य शब्दों में साक्षात्कार दो या दो से अधिक व्यक्तियों के बीच विचारों एवं भावों का आदान-प्रदान होता है। दूसरे शब्दों में साक्षात्कार प्रतियोगी के व्यक्तित्व एवं ज्ञान की पराकाष्ठा के परीक्षण की ऐसी प्रक्रिया है जिसमें सफल होनें पर प्रतियोगी वांछित पद पा सकता है। यह एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, इसमें सफलता प्राप्त करने का मूल मंत्र, इसकी तकनीक और रणनीति को समझकर उसमें महारत हासिल करना है।

महत्व एवं उद्देश्य –  हमारे देश में योग्यता के आधार पर नियुक्ति का दौर लगभग 155 वर्ष पूर्व आरम्भ हुआ था। इस क्रम में योग्यता के आधार पर योग्यतम व्यक्तियों की खोज के लिए प्रतियोगिता परीक्षाओं का आयोजन आरम्भ हुआ था जिनमें सबसे पहले लिखित परीक्षा होती थी और योग्यता-सूची में स्थान प्राप्त करने वाले प्रतियोगियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता था। इसका मुख्य उद्देश्य पद की गरिमा एवं महत्त्व की दृष्टि से प्रतियोगियों के व्यक्तित्व का परीक्षण करना तथा पद के अनुसार उनकी योग्यता का आकलन करना होता है। यह किसी भी चयन प्रक्रिया का अहम पड़ाव होता है, इसके द्वारा अभ्यर्थी के विभिन्न पहलुओं को जांचने-परखने की कोशिश की जाती है। इसमें साक्षात्कार बोर्ड या साक्षात्कारकर्ता द्वारा यह जानने का प्रयास किया जाता है कि आप किस प्रकार सोचते हैं, आपका व्यवहार कैसा है ? आप किसी समस्या का समाधान किस तरह करते हो ? आप दबाव में कैसा व्यवहार करते हैं ? आपका त्वरित सामान्य ज्ञान कैसा है ? आप कितने जागरुक हैं ? मुख्यतः इन्हीं बिन्दुओं पर ही अधिक ध्यान दिया जाता है। वर्तमान में साक्षात्कार अथवा व्यक्तित्व परीक्षण का महत्त्व बहुत बढ़ गया है कि विभिन्न स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय अथवा शैक्षिक संस्थानों में प्रवेश से लेकर नौकरी प्राप्ति हेतु प्रतियोगिताओं का आयोजन करने वाले भिन्न-भिन्न संगठनों, समितियों, बोर्डों अथवा संस्थाओं द्वारा विभिन्न प्रकार के चयन हेतु साक्षात्कारों का नियमित आयोजन किया जाता है।

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साक्षात्कार ( Interview ) में सफलता प्राप्त करने के लिए स्मार्ट तथ्य ( Smart Facts ) –

  • साक्षात्कार के लिए जाते समय अपने मन को हीन भावना से मुक्त रखें अर्थात सकरात्मक सोच रखें।
  • यदि आपका शरीर क्षीण और दुर्बल है तो भी किसी भी प्रकार की हीन भावना अपने मन में न आने दें। हमेशा याद रखें कि जीवन में शरीर की अपेक्षा ज्ञान की अधिक आवश्यकता होती है।
  • साक्षात्कार कक्ष में अनुमति लेकर ही प्रवेश करना चाहिए।
  • कक्ष में प्रवेश करने से पूर्व वस्त्र-परिधान एवं अपने केश आदि को व्यवस्थित कर लेना चाहिए।
  • साक्षात्कार कक्ष में प्रवेश करते ही साक्षात्कारकर्ताओं का औपचारिक ढंग से अभिवादन करना चाहिए।
  • कक्ष में सामान्य एवं सहज गति से प्रवेश करना चाहिए।
  • कक्ष के अंदर अभ्यर्थी को नियत स्थान पर तब तक नहीं बैठना चाहिए जब तक कि उसे बैठने के लिए कहा न जाए, तदुपरान्त धन्यवाद अवश्य बोलना चाहिए।

साक्षात्कार में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न –

  • आपको इस वेकन्सी के बारे में कैसे पता चला ?
  • आपने अपनी पिछली नौकरी क्यों छोड़ दी ?
  • अपने बारे में कुछ बताइये !
  • हम आपका ही चयन क्यों करें ?
  • आपमें ऐसा क्या है जो दूसरो में नहीं है ?
  • आप 14 नवम्बर को पैदा हुए ? इस तिथि का ऐतिहासिक महत्त्व बताइये !
  • आप कितने प्रतिशत ईमानदार है ?
  • आपकी सबसे बड़ी कमजोरी क्या है ?
  • आपकी सबसे बड़ी स्ट्रेंथ क्या है ?
  • अगर आपको यह जॉब नहीं मिली तो ?
  • आप कितनी सैलरी पर काम करना चाहेंगे ?
  • क्या आप कुछ पूछना चाहते हैं ?
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