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कपिल देव का जीवन परिचय – भारत को क्रिकेट विश्वकप में पहली बार ट्रॉफी दिलाने वाले महान क्रिकेटर कपिलदेव का जीवन परिचय :-

जन्म व प्रारंभिक जीवन –

कपिल देव का जन्म 6 जनवरी 1959 ईo को चंडीगढ़ में हुआ। इनके पिता का नाम रामलाल निखंज और माता का नाम राजकुमारी था। विभाजन के बाद इनका परिवार रावलपिंडी से भारत आ गया। ये अपने माता-पिता की सात संतानो ( 4 पुत्री व 3 पुत्र ) में से एक थे।  

वैवाहिक जीवन – 

इनकी मुलाकात रोमी भाटिया से एक कॉमन फ्रेंड के माध्यम से हुयी। इन्होने रोमी को 1980 ईo में प्रोपोज़ किया और उसी वर्ष इन दोनों ने शादी कर ली। 16 जनवरी 1996 को इनके घर एक पुत्री अमिया देव का जन्म हुआ।

क्रिकेट कॅरियर –

  • इन्होने अपने क्रिकेट करियर की शुरुवात 1975 ईo में हरियाणा की तरफ से पंजाब के विरुद्ध एक घरेलू मैच से की थी। 
  • मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी में इन्होने अपना आखरी अंतर्राष्ट्रीय मैच 1992ईo के विश्वकप में खेला।
  • 1976-77 ईo में कश्मीर के विरुद्ध हुए मैच में इन्होने 8 विकेट लिए और बंगाल के विरुद्ध 7 विकेट लिए। 
  • इन्होने अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट मैच 1978 ईo में पकिस्तान के विरुद्ध खेला। 
  • इन्होने कुल 131 टेस्ट मैच (5248 रन) और 225 एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैच (3783 रन) खेले।
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एक दिवसीय विश्व कप (1983) –

  • इस विश्वकप के दौरान BBC की हड़ताल की वजह से इस मैच का टेलीकास्ट नहीं हो सका था।

कपिलदेव की कप्तानी में इंग्लैंड में हुए इस विश्वकप को जीतकर भारत ने एक नया इतिहास रचा। उस समय अजेय कही जाने वाली वेस्टइंडीज की टीम को हराकर भारत ने ने यह ख़िताब हासिल किया। ये भारत के लिए बहुत ही गौरव की बात है।

क्रिकेट से संन्यास –

1994 ईo में कपिल देव ने क्रिकेट जगत से संन्यास ले लिया तब उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेना का रिकॉर्ड दर्ज था। सन्यास लेते समय ये भारत के सर्वाधिक विकेट लेने वाले क्रिकेटर भी थे। 1999 ईo में उन्हें इंडियन क्रिकेट टीम का कोच चुना गया। परन्तु मनोज प्रभाकर द्वारा सट्टेबाजी में फसाये जाने के बाद इन्होने कोच के पद से भी त्यागपत्र दे दिया। 24 सितम्बर 2008 को इन्होने भारतीय प्रादेशिक सेना में भाग लिया और इन्हें लेफ्टिनेंट कर्नल का पद दिया गया। 

सम्मान व पुरस्कार –

  • 1869-80 ईo का अर्जुन पुरस्कार 
  • 1982 ईo में पद्मश्री
  • 1983 ईo में विजडन क्रिकेटर ऑफ़ द ईयर 
  • 1991 ईo में पद्मभूषण 
  • 2002 ईo में विजडन इंडियन क्रिकेटर ऑफ़ द सेंचुरी 
  • 2010 ईo में ICC क्रिकेट हॉल ऑफ़ फेम पुरस्कार से सम्मानित किया गया 

इनके द्वारा लिखित पुस्तकें –

  • World of Kapil Dev – 1992
  • Straight from the Heart : An Autobiography – 2004
  • Kapil : The Autobiography of Kapil Dev – 1987
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विशेष

इन्होने मृत्यु के बाद अपने शरीर के अंगों को दान करने की घोषणा एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के एक कार्यक्रम के दौरान की थी।

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