स्वागतम्
कृपया पोस्ट शेयर करें...

पृथ्वी पर उपस्थित सबसे विस्तृत जलराशि के समूह को महासागर कहा जाता है। महासागर पृथ्वी के कुल क्षेत्रफल का लगभग दो-तिहाई हिस्सा घेरे हुए हैं। पृथ्वी के कुल जल का 97 प्रतिशत खारे जल के रूप में महासागरों में उपस्थित है। पृथ्वी पर कुल चार महासागर हैं- प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर, हिंद महासागर, और आर्कटिक महासागर। पृथ्वी पर अवस्थित महाद्वीपों की विस्तृत जानकारी निम्नलिखित है-

समुद्र – जलमंडल का वह बड़ा भाग जो तीन तरफ से जल से औऱ एक तरफ से किसी महासागर से घिरा हो।

खाड़ी – समु्द्री जल के स्थलीय भाग में प्रवेश कर जाने पर बना जल का क्षेत्र।

Bay – जल का विस्तृत क्षेत्र जिसके दो किनारे स्थल से घिरे हों और एक किनारे पर द्वीपों का समूह हो औऱ एक किनारा समुद्र से मिलता हो।

समलवण रेखा – समान खारेपन वाले स्थानों को मिलाकर खींची गई रेखा।

गाई ऑट – समान शीर्ष वाले समुद्री पर्वत।

शोल – जलमग्न उत्थान का वह भाग जिसका शीर्ष भाग छिछला होती है। यह प्रवाल का बना नहीं होता।

ग्रेट बैरियर रीफ – यह विश्व की सबसे बड़ी प्रवाल भित्ति ( कोरल रीफ ) है। यह प्रशांत महासागर में क्वींसलैंड तट के निकट स्थित है।

कॉरिओलिस बल – इसी बल के कारण जलधाराएं उत्तरी गोलार्द्ध में अपनी दिशा के दायीं ओऱ औऱ दक्षिणी गोलार्द्ध में अपनी दिशा के बायीं ओऱ प्रवाहित होती हैं।

प्रशांत महासागर

प्रशांत महासागर पृथ्वी का सबसे विस्तृत महासागर है। यह त्रिभुजाकार में फैला हुआ है। यह अन्य सभी महासागरों से अधिक गहरा व विस्तृत है। यह संपूर्ण धरातल का एक तिहाई हिस्सा घेरे है। इसका क्षेत्रफल 16,57,23,740 वर्ग किमी है। इसका क्षेत्रफल पृथ्वी के संपूर्ण स्थलखंड से भी अधिक है। इसका ऊपरी हिस्सा बेरिंग जलसंधि पर और नीचे का हिस्सा अंटार्कटिका महाद्वीप तक है। इसके अधिकांश भागों की गहराई 7300 मीटर तक है। इस महासागर में प्रवाल औऱ ज्वालामुखी प्रक्रिया द्वारा बने करीब 20 हजार से भी अधिक छोटे बड़े द्वीप हैं। इस महासागर का उत्तरी भाग सबसे गहरा है। बेनिन, मिंडनाओ, अल्युशियन, जापान, क्युराइल, मेरियाना गर्त इस महासागर के कुछ प्रमुख गर्त हैं। इन गर्तों की गहराई 7000 से 10000 मीटर तक है। अधिकांश गर्त द्वीपीय क्षेत्रों के निकट पाए जाते हैं। गुआम द्वीप के निकट स्थित मेरियाना गर्त प्रशांत महासागर का सबसे गहरा स्थान है। इस गर्त की गहराई लगभग 11 किमी. ( 11022 मीटर ) है।

इसे भी पढ़ें...  भूगोल से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर

प्रशांत महासागर के प्रमुख सागर/खाड़ी/Bay – बेरिंग सागर, पीत सागर, जापान सागर, ओखोटस्क सागर, कैलिफोर्निया की खाड़ी।

अटलांटिक महासागर

अटलांटिक महासागर ‘S‘ की आकृति में अफ्रीका औऱ दक्षिणी अमेरिका महाद्वीप के बीच में लंबा-लंबा विस्तृत है। क्षेत्रफल के अनुसार यह विश्व का छठा भाग है, इसका क्षेत्रफल 8,29,63,800 वर्ग किमी है, जो प्रशांत महासागर का लगभग आधा है। यह विश्व के कुल क्षेत्रफल का लगभग 16 प्रतिशत है। अटलांटिक महासागर का प्रमुख आकर्षक लक्षण मध्य अटलांटिक कटक है। 14000 मीटर लंबा औऱ 4000 मीटर ऊंचा यह कटक इस महासागर को उत्तरी औऱ दक्षिणी भाग में बांटता है। हालांकि यह कटक जलमग्न है परंतु इसकी अनेक चोटियां महासागरीय जल से ऊपर निकली हुई हैं। ये चोटियां ही मध्य अटलांटिक के द्वीप हैं।

अटलांटिक महासागर के प्रमुख सागर/खाड़ी/Bay – सारगैसो सागर ( उत्तरी अटलांटिक ), हडसन की खाड़ी, बाल्टिक सागर, बेफिन की खाड़ी, उत्तरी सागर, मैक्सिको की खाड़ी, कैरिबियन सागर, भूमध्य सागर।

हिंद महासागर

हिंद महासागर को अर्द्ध महा सागर भी कहा जाता है। इसका क्षेत्रफल 7,34,25,500 वर्ग किमी है। कर्क रेखा इस महासागर की उत्तरी सीमा है। इसकी औसत गहराई अपेक्षाकृत कम लगभग 4000 मीटर है। इस महासागर में गर्त नहीं पाए जाते, परंतु सुंडा गर्त औऱ डायमेंटिना गर्त इसके अपवाद हैं। सुंडा गर्त जावा द्वीप के दक्षिण में उसके समानांतर अवस्थित है। डायमेंटिना गर्त दक्षिण पूर्वी आस्ट्रेलियन बेसिन में अवस्थित है। अटलांटिक की तरह ही इसमें भी एक जलमग्न कटक है जो हिंद महासागर को दो बराबर बेसिनों में विभक्त करता है। कार्ल्सबर्ग कटक अरब सागर को दो भागों में बांटता है। हिंद महासागर का सबसे बड़ा द्वीप मेडागास्कर है।

इसे भी पढ़ें...  पृथ्वी की आतंरिक संरचना (The Internal Structure of the Earth)

हिंद महासागर के प्रमुख सागर/खाड़ी/Bay – लाल सागर, फारस की खाड़ी, अरब सागर, बंगाल की खाड़ी।

हिंद महासागर में स्थित प्रमुख द्वीप –

  • महाद्वीपीय खंडों से अलग हुए द्वीप – मेडागास्कर, श्रीलंका, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, जंजीबार
  • प्रवाल द्वारा निर्मित द्वीप- लक्षद्वीप, मालदीव
  • ज्वालामुखी प्रक्रिया द्वारा निर्मित द्वीप- मारीशस औऱ रीयूनियन द्वीप
  • महासागरों की औसत लवणता 35% है।

महासागरों से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

  • डेटम रेखा – वह क्षैतिज रेखा होती है, जिससे महासागरों की ऊंचाइयों व गहराई की माप की जाती है।
  • सारगैसो सागर के क्षेत्र में सारगैसम नामक  नाम रगैसो पड़ा।
  • भूमध्य सागर से लगे देश – मिश्र, मोरक्को, अल्जीरिया, लीबिया, ट्यूनीशिया।
  • समुद्री जल की औसत लवणता 35 प्रति हजार होती है।

प्रमुख जलधाराएं

बेंगुला धारा –

दक्षिणी अटलांटिक महासागर में एकमात्र ठंडी जलधारा बेंगुला बहती है। बेंगुला जलधारा दक्षिण अफ्रीका के पश्चिमी तट के सहारे दक्षिण से उत्तर की ओऱ बहती है।

कनारी धारा –

यह जलधारा उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका के पश्चिमी भाग में उत्तर से दक्षिण की दिशा में प्रवाहित होने वाली ठंडी जलधारा है।

पेरुवियन या हम्बोल्ट धारा –

यह दक्षिण पूर्वी प्रशांत महासागर में दक्षिण अमेरिका महाद्वीप के पश्चिमी भाग में प्रवाहित होने वाली ठंडी जलधारा है।

गल्फ स्ट्रीम –

फ्लोरिडा की धारा जब एण्लीस धारा मे मिलकर हेटरास अंतरीप से आगे बढ़ती है तो ये गल्फस्ट्रीम कहलाती है। यह एक गर्म जलधारा है। यह सं. रा. अमेरिका के पूर्वी तट के सहारे प्रवाहित होती है। गल्फ स्ट्रीम धारा की खोज साल 1513 में पोंस डि लियोन ने की थी।

इसे भी पढ़ें...  अक्षांश और देशांतर रेखाएं (Latitude and Longitude)

ब्राजील धारा –

ब्राजील धारा ब्राजील तट के पूर्वी भाग में उत्तर से दक्षिण की ओर बहती है। यह एक गर्म जलधारा है।

अगुलहास –

अगुलहास की धारा हिंद महासागर में उत्तर से दक्षिण की ओर बहती है। यह एक गर्म जलधारा है।

WhatsApp पर सुगम ज्ञान से जुड़ें

हमारी टीम को प्रोत्साहित करने और नए-नए ज्ञानवर्द्धक वीडियो देखने के लिए सुगम ज्ञान YouTube Channel को SUBSCRIBE जरूर करें। सुगम ज्ञान टीम को सुझाव देने के लिए हमसे WhatsApp और Telegram पर जुड़ें। ऑनलाइन टेस्ट लेनें के लिए सुगम ऑनलाइन टेस्ट पर क्लिक करें, धन्यवाद।

चर्चा
(अब तक देखा गया कुल 163 बार, 1 बार आज देखा गया)
कृपया पोस्ट शेयर करें...
Close Menu