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कार्डेटा संघ के प्रमुख वर्ग (Phylum Chordata Classes) – वर्तमान में बहुत सी प्रतियोगी परीक्षाओं में विज्ञान विषय से बहुत से प्रश्न पूछे जाते हैं। उसमे भी सबसे अधिक प्रश्न जीव विज्ञान से संबंधित होते हैं। इस पोस्ट में उसी से संबंधित एक महत्वपूर्ण टॉपिक को समझाया गया है। जंतुओं के वर्गीकरण के अंतर्गत बहुत से वर्ग आते हैं। इन सब में सबसे विस्तृत रूप में अध्ययन किया जाता है कार्डेटा संघ का। इसे कुल 13 वर्गों में बांटा गया है –

कार्डेटा संघ के प्रमुख लक्षण :-

  • इनमें पृष्ठरज्जु (Notochord) की उपस्थिति पायी जाती है।
  • इनमे क्लोमछिद्र एवं नालदार तंत्रिका रज्जु अवश्य पाए जाते हैं।

कार्डेटा संघ के प्रमुख वर्ग

मत्स्य वर्ग –

  • इसमें सभी असमतापी जंतुओं को रखा गया है।
  • इनमे ह्रदय द्विवेश्मी होता है और सिर्फ अशुद्ध रक्त ही पम्प करता है।
  • इनमे श्वसन क्रिया क्लोम (gils) द्वारा होती है। जो जल में घुली ऑक्सीजन का प्रयोग करते हैं।
  • कुछ मछलियों का कंकाल उपास्थियों का बना होता है। जैसे – सार्क, स्कोलियोडन

उदाहरण – समुद्री घोड़ा, रोहू, कतला

एम्फीबिया वर्ग –

  • इस वर्ग के सभी सदस्य उभयचर होते हैं।
  • ये असमतापी हैं।
  • इन जीवों में श्वसन फेफड़ों, त्वचा व क्लेमों तीनो के माध्यम से होता है।
  • इनके ह्रदय में तीन कक्ष होते हैं।
इसे भी पढ़ें...  जंतुओं का वर्गीकरण (Classification of Animal Kingdom)

उदाहरण – मेढक

सरीसृप वर्ग (Reptilia) –

  • इस वर्ग के जंतु असमतापी होते हैं।
  • इन जीवों में श्वसन फेफड़ों क्व माध्यम से होता है।
  • ये वास्तविक स्थलीय कशेरुकी जंतु हैं।
  • ये जंतु अंडे देते हैं। इनके अंडे कैल्शियम कार्बोनेट के कवच से ढके रहते हैं।
  • इन जंतुओं का ह्रदय सामान्यतः तीन कक्षों का होता है। अपवाद स्वरुप मगरमच्छ का ह्रदय चार कक्ष का होता है।

उदाहरण – सांप, मगरमच्छ, घड़ियाल, छिपकली, कछुआ

पक्षी वर्ग (Aves) –

  • ये समतापी जीव होते हैं।
  • इन जीवों में श्वसन फेफड़ों द्वारा होता है।
  • इस वर्ग के जंतुओं के अग्रपाद विकसित होकर पंखों में रूपांतरित हो जाते हैं।
  • इन जंतुओं के ह्रदय में चार कक्ष होते हैं।
  • मूत्राशय अनुपस्थित होता है।

उदाहरण – कौआ, चिड़िया, तोता, मोर

स्तनी वर्ग (Mammalia) –

  • इस वर्ग के सभी जंतु नियततापी/उच्चतापी होते हैं।
  • त्वचा पर स्वेद ग्रंथियां या तैलीय ग्रंथियाँ पायी जाती हैं।
  • इनके ह्रदय में चार कक्ष होते हैं।
  • इनमे बाह्य कर्ण उपस्थित होते हैं।
  • इनके जीवनकाल में दो बार दांत निकलते हैं।
  • इनकी RBC में केन्द्रक नहीं होता। अपवादस्वरूप – ऊँट, लामा की RBC में केन्द्रक होता है।
  • स्तनी वर्ग को तीन उपवर्गों में बांटा गया है – प्रोटोथीरिया, मेटाथीरिया, यूथीरिया
  1. प्रोटोथीरिया – अंडे देते हैं।
  2. मेटाथीरिया – अपरिपक्व बच्चे को जन्म देते हैं। जैसे – कंगारू
  3. यूथीरिया – पूर्ण विकसित बच्चे को जन्म देते हैं। जैसे – मनुष्य 
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कार्डेटा संघ से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य –

  • किस युग को सरीसृपों का युग कहा जाता है – मीसोजोइक युग 
  • विश्व की एकमात्र जहरीली छिपकली कौनसी है – हिलोडर्मा 
  • वह एकमात्र सर्प कौनसा है जो घोसला बनाता है – किंग कोबरा 
  • सर्वाधिक जहरीला स्थलीय सर्प कौनसा है – किंग कोबरा 
  • वे पक्षी जो उड़ नहीं सकते – कीवी, एमू 
  • सबसे बड़ा जीवित पक्षी कौनसा है – शुतुरमुर्ग 
  • स्तनी वर्ग में रक्त का ताप सबसे अधिक किसका होता है – बकरी 
  • एकमात्र विषैला स्तनी जंतु कौनसा है – डक विल्ड प्लैटिपस 

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