Lalu Prasad Yadav Biography | लालू प्रसाद यादव का जीवन परिचय

लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) बिहार राज्य के कद्दावर नेता हैं। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू यादव का जन्म 11 जून 1948 को गोपालगंज, बिहार में हुआ था। पटना विश्वविद्यालय से लालू यादव ने एल एल बी की पढ़ाई की। यहीं पर इन्होंने छाक्षसंघ अध्यक्ष का चुनाव जीता और जे.पी. आंदोलन से जुड़ गए।

पारिवारिक जीवन –

लालू यादव ने 1 जून 1973 को राबड़ी देवी से शादी की। इनके कुल 9 बच्चे (2 पुत्र व 7 पुत्रियाँ) हैं। इनके बड़े बेटे तेजप्रताप और छोटे बेटे तेजस्वी यादव हैं।

राजनीतिक जीवन –

1977 के लोकसभा चुवान में लालू यादव ने भारतीय लोकदल के टिकट पर 29 वर्ष की अवस्था में चुनाव जीता। इसके बाद साल 1980 में इन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव भी लड़ा। 1985 ई. में ये बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता बने। 23 सितंबर 1990 को लालू प्रसाद यादव ने समस्तीपुर में लालकृष्ण आडवाणी की रथ यात्रा रोकी और उन्हें गिरफ्तार करवाया।

  • छपरा से सांसद – 2 दिसंबर 1989 से 13 मार्च 1991
  • सारण से सांसद – 4 अप्रैल 1995 से 25 जुलाई 1997
  • छपरा से सांसद – 23 मार्च 1977 से22 अगस्त 1979,
  • छपरा से सांसद – 24 मई 2004 से 22 मई 2009
  • रेल मंत्री – 24 मई 2004 से 22 मई 2009
  • सारण से सांसद – 16 मई 2009 से 22 अक्टूबर 2013

मुख्यमंत्री के तौर पर –

  • 10 मार्च 1990 को लालू प्रसाद यादव पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने और 3 अप्रैल 1995 तक इस पद पर रहे।
  • दूसरी बार 4 अप्रैल 1995 को मुख्यमंत्री बने और 25 जुलाई 1997 तक पद पर रहे। 25 जुलाई 1997 को इन्होंने अपनी पत्नी राबड़ी देवी को बिहार का मुख्यमंत्री बना दिया।

राष्ट्रीय जनता दल –

लालू प्रसाद यादव ने बिहार (RJD) की राजनीतिक पार्टी राष्ट्रीय जनता दल का गठन 5 जुलाई 1997 को दिल्ली में किया गया था। गठन के वक्त लालू यादव को इसका राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया था।

चारा घोटाला – 1996

बिहार में पशुओं को खिलाये जाने वाले चारे के नाम पर 950 करोड़ रुपये सरकारी खजाने से निकाल लिये गए। इसका आरोप बिहार के तात्कालिक मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र पर लगा। इसके चलते लालू यादव को सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा। बीजेपी द्वारा इस मुद्दे को लोकसभा में उठाये जाने के बाद सीबीआई जाँच की मांग की। इस मामले में लालू यादव को रांची स्थित सीबीआई की अदालत ने 5 साल की सजा सुनाई। अक्टूबर 2013 में न्यायालय ने इन्हें 17 लाख के आर्थिक जुर्माने और 5 साल के कारावास की सजा सुनाई। 2 माह सजा काटने के बाद इन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई। इस घोटाले में लिप्त बहुत से नेताओं को लोकसभा चुनाव के लिए अयोग्य ठहरा दिया।

Leave a Comment

चैट खोलें
1
मदद चाहिए ?
Scan the code
हम आपकी किस प्रकार सहायता कर सकते हैं ?