Vitamins in Hindi | विटामिन के प्रकार, स्त्रोत, कार्य, कमी से होने वाले रोग

विटामिन के प्रकार, स्त्रोत, कार्य – मानव शरीर को जीवित रहने के लिए भोजन की आवश्यकता होती है परन्तु स्वस्थ रहने के लिए भोजन में आवश्यक पोषक तत्वों और विटामिनों का होना जरूरी है। भोजन में विभिन्न पोषक तत्वों के साथ-साथ विटामिन्स का विशेष महत्व है। सामान्य उपापचय (Metabolism) के लिए विटामिनों (Types of Vitamins) की आवश्यकता होती है। यदि मनुष्य के आहार में किसी विटामिन की कमी हो जाये तो उससे जुड़ी बीमारी हो जाती है। विटामिन्स का मुख्य कार्य हमारे भोजन को ईंधन में बदलना है जिससे भोजन का अच्छे से पाचन हो सके। डच चिकित्सक क्रिस्टियान इज्कमैन (Christiaan Eijkman) ने विटामिन की खोज की। विटामिन शब्द का नामकरण पोलिश बायोकेमिस्ट कैसिमिर फंक (Casimir Funk) ने 1912 में किया था।

विटामिन की खोज और रासायनिक नाम

विटामिन रासायनिक नाम (Chemical Name) खोज का वर्ष
विटामिन A रेटिनॉल 1909
विटामिन B1 थायमीन 1912
विटामिन C एस्कोर्बिक एसिड 1912
विटामिन D अर्गोकेलसीफेरोल (D2),
अर्गोकेलसीफेरोल (D3)
1918
विटामिन B2 राइबोफ्लेविन 1920
विटामिन E टोकोफेरोल्स, टोकोट्रिनोल्स 1922
विटामिन B12 सायनोकोबालामिन, मिथाइलकोबालामिन 1926
विटामिन K फाइलोक्विनोन, मेनक्विनोन 1929
विटामिन B5 पैंटोथेनिक एसिड 1931
विटामिन B7 बायोटिन 1931
विटामिन B6 पाइरीडॉक्सिन 1934
विटामिन B3 नियासिन (निकोटिनिक एसिड), निकोटिनामाइड (नियासिनामाइड) 1936
विटामिन B9 फॉलिक एसिड / फोलेट / फोलासीन 1941

विटामिन के प्रमुख स्त्रोत, विटामिन की कमी से होने वाले रोग

विटामिन का नाम कमी से होने वाले रोग (Deficiency Diseases) श्रेष्ठ स्त्रोत (Good Sources)
विटमिन – A रतौंधी, संक्रमणों का खतरा, जीरोप्‍थैलमिया, मोतियाबिंद, त्वचा शुष्क व शल्की हो जाना दूध, मक्खन, गहरे हरे रंग की सब्जियाँ। शरीर पीले और हरे रंग के फल व सब्जियों में मौजूद कैरोटीन पिग्मैंट को भी विटामिन ‘A’ में बदल देता है।
विटामिन – B1 बेरी-बेरी साबुत अनाज, आटा और दालें, मेवा, मटर की फ़लियां
विटामिन – B2 त्‍वचा का फटना, आँखों का लाल होना दूध, पनीर
विटामिन – B3 त्‍वचा पर दाद होना (Pellagra) साबुत अनाज, आटा
विटामिन – B5 बाल सफेद होना, मंदबुद्धि होना, पैरों में जलन साबुत अनाज, दूध
विटामिन – B6 एनीमिया, त्‍वचा रोग, शरीर का भार कम होना गिरीदार फ़ल और साबुत अनाज
विटामिन – B7 लकवा, शरीर में दर्द, बालों का गिरना गिरीदार फ़ल और ताजा सब्जियां
विटामिन – B9 एनीमिया, पेचिस रोग पालक व अन्य हरी पत्तेदार सब्जियाँ, यकृत इत्यादि
विटामिन – B12 एनीमिया, पांडुरोग रोग ताजी सब्जियों में
विटामिन – C स्कर्वी सभी रसदार खट्टे फलों में, टमाटर, नीम्बू, संतरा, नारंगी, कीवी
विटामिन – D रिकेट्स, ऑस्टियोमलेशिया दुग्ध उत्पादों में। शरीर के धूप सेकने से विटामिन D त्वचा में भी पैदा हो सकती है।
विटामिन – E जनन शक्ति का कम होना वनस्पति तेलों में
विटामिन – K रक्‍त का थक्‍का न जमना  

विटामिन के प्रकार | Types of Vitamins

विटामिनों को दो भागों में विभाजित किया गया है –

  1. वसा में घुलनशील विटामिन (Fat Soluble Vitamins)
  2. पानी में घुलनशील विटामिन (Water Soluble Vitamins)

वसा में घुलनशील विटामिनों के नाम (Fat Soluble Vitamins Name)

विटामिन A, D, E और K वसा में घुलनशील हैं। वसा में घुलनशील विटामिन शरीर (Body) और यकृत (Liver) के वसा ऊतकों में संगृहीत रहते हैं। वसा में घुलनशील विटामिन, वसा या लिपिड की सहायता से आँतों के मार्ग से अवशोषित होते हैं और ये शरीर में काफी समय तक संग्रहीत रह सकते हैं।

पानी में घुलनशील विटामिनों के नाम (Water Soluble Vitamins Name)

विटामिन B1, B2, B3, B5, B6, B7, B9, B12 और C अर्थात B और C पानी में घुलनशील हैं। ये विटामिन शरीर में अधिक समय तक संग्रहीत नहीं रह सकते हैं। और ये मूत्र के माध्यम से जल्दी ही उत्सर्जित हो जाते हैं।

विटामिन के प्रकार, स्रोत, कार्य, कमी से होने वाले रोग पर आधारित वीडियो –

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विटामिन – A ( रेटिनॉल )

कमी से होने वाले रोग – रतौंधी, जीरोप्थैल्मिया, संक्रमणों खतरा 

स्त्रोत – दूध, अण्डा, हरा साग-सब्जी, पनीर, यकृत का तेल 

विटामिन – B1  ( थायमिन )

कमी से होने वाले रोग – बेरी-बेरी 

स्त्रोत –  तिल, मूँगफली, सूखी मिर्च, अंडा, यकृत, सब्जियाँ, बिना धुली दालें  

विटामिन – B2 ( राइबोलोविन )

कमी से होने वाले रोग – त्वचा का फटना, जीभ का फटना, आँखों का लाल होना 

स्त्रोत – दूध, हरी सब्जियाँ, माँस, खमीर, कलेजी

विटामिन – B3 ( पैन्टोथेनिक )

कमी से होने वाले रोग – मंद बुद्धि होना, बाल सफ़ेद होना 

स्त्रोत – दूध, माँस, मूँगफली, गन्ना, टमाटर

विटामिन – B5  ( निकोटिनैमाइट/नियासिन )

कमी से होने वाले रोग – पेलाग्रा ( त्वचा दाद ) या 4-D – सिंड्रोम 

स्त्रोत – आलू, टमाटर, पत्तेदार सब्जियाँ, मूँगफली

विटामिन – B6 ( पायरीडॉक्सीन )

कमी से होने वाले रोग – एनीमिया, त्वचा रोग 

स्त्रोत – माँस, यकृत, अनाज 

विटामिन – B7 ( बायोटीन )

कमी से होने वाले रोग – बालों का गिरना, शरीर में दर्द, लकवा 

स्त्रोत – माँस, अंडा, यकृत, दूध

विटामिन – B12 ( साएनोकाबालामिन )

कमी से होने वाले रोग – एनीमिया, पांडुरोग 

स्त्रोत- माँस, कलेजी, दूध 

फॉलिक एसिड – ( टेरोईल ग्लूटैमिक )

कमी से होने वाले रोग – एनीमिया, पेचिस रोग 

स्त्रोत – सेम, अंडा, दाल, सब्जियाँ, यकृत 

विटामिन – C ( एस्कॉर्बिक अम्ल )

कमी से होने वाले रोग – स्कर्वी, मसूड़े का फूलना 

स्त्रोत – नींबू, नारंगी, संतरा, खट्टे पदार्थ, टमाटर, मिर्च, अंकुरित अनाज 

विटामिन – D ( कैल्सिफेरॉल )

कमी से होने वाले रोग – बच्चों में रिकेट्स, वयस्कों में ऑस्टिया मलेशिया 

स्त्रोत – दूध, अंडे, यकृत, मछली तेल 

विटामिन – E ( टोकोफेरॉल )

कमी से होने वाले रोग – जनन शक्ति में कमी 

स्त्रोत – दूध, मक्खन, वनस्पति तेल, अंकुरित गेहूँ, पत्तेदार सब्जियाँ 

विटामिन – K ( फिलोक्विनोस )

कमी से होने वाले रोग – रक्त का थक्का न बनना 

स्त्रोत – टमाटर, हरी सब्जियाँ, आँतों में भी उत्पन्न होता है 

विटामिन से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य :-

  • विटामिन की खोज फंक ने सन् 1912 में की थी।
  • इसे रक्षात्मक पदार्थ भी कहा जाता है।
  • यह एक प्रकार का कार्बनिक यौगिक होता है।
  • इससे हमारे शरीर को कोई कैलोरी प्राप्त नहीं होती है।
  • कौन-कौन सी विटामिन जल में घुलनशील हैं – विटामिन B और C 
  • अन्य सभी विटामिन वसा और कार्बनिक घोल में घुलनशील होती हैं।
  • कौन कौन से विटामिन का संश्लेषण हमारे शरीर में होता है – विटामिन D व K 
  • किस विटामिन में कोबाल्ट पाया जाता है – विटामिन B12 में 

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